

परिचय
डॉ. त्रिभुवन ओझा
1 जनवरी, 1938 ई. --- 19 अगस्त, 2023 ई.
जन्मस्थान : ग्राम - रामपुर, पो. - कुटुम्बा, जनपद - औरंगाबाद, बिहार.
शिक्षा : बिहार विश्वविद्यालय से स्नातक (हिन्दी प्रतिष्ठा) और राँची विश्वविद्यालय से पीएच. डी., डी. लिट्.
अध्यापन : करीम सिटी कॉलेज, जमशेदपुर से 1998 में हिन्दी विभागाध्यक्ष के पद से सेवा निवृत्त.
शोध निर्देशन : पीएच.डी. उपाधि के लिए.
प्रकाशन : 1. प्रमुख बिहारी बोलियों का तुलनात्मक अध्ययन (1987)
2. हिन्दी में अनेकार्थता का अनुशीलन (1994)
3. शुभा (कविता संग्रह) (2005)
4. प्रकाशन - प्रश्नोत्तरी गीता
5. तदपि कहे बिनु रहा न कोई (2008)
6. अपनी परम्परा की परख (2026)
सम्पादन : 1. बिहार एसोसिएशन, जमशेदपुर के मुख-पत्र 'जाग्रत बिहार' और मगही साहित्य परिषद्, जमशेदपुर की पत्रिका 'भोर' का सम्पादन.
2. दिनकर परिषद्, बिहार एसोसिएसन की ओर से प्रकाशित 'बिहार : अतीत एवं वर्तमान' एवं 'दिनकर : संस्मरण एवं श्रद्धांजलियाँ' में सम्पादन सहयोग.
प्रसारण : आकाशवाणी के राँची और जमशेदपुर केंद्र से कविताओं और वार्ताओं का प्रसारण.
सम्बद्धता : बिहार एसोसिएशन के साहित्यिक पार्श्व 'दिनकर परिषद्' का सचिव.
अन्य : 'भाषा' केन्द्रीय हिन्दी निदेशालय (दिल्ली), सम्मेलन पत्रिका (प्रयाग), बिहार राष्ट्रभाषा परिषद् पत्रिका (पटना) आदि पत्र-पत्रिकाओं में लेखन.
सम्मान : विश्व हिन्दी न्यास, न्यूयॉर्क, अमेरिका से 2006 में सम्मान प्राप्त,
सिंहभूम जिला हिन्दी साहित्य सम्मेलन/तुलसी भवन, जमशेदपुर से सम्मानित.
विशेष : देश-विदेश में अनेक स्थानों का भ्रमण.


डॉ. त्रिभुवन ओझा, एक प्रतिष्ठित हिन्दी भाषाविद् और पूर्व प्रोफेसर, ने अपना जीवन हिन्दी साहित्य के गहन अध्ययन, अध्यापन और संवर्धन को समर्पित किया है। यह डिजिटल मंच उनके ज्ञान को भावी पीढ़ियों तक पहुँचाने का एक प्रयास है।
यहाँ आप उनके प्रकाशित ग्रंथों, अप्रकाशित शोध पत्रों, ऐतिहासिक व्याख्यानों और दुर्लभ चित्र संग्रहों तक पहुँच सकते हैं। हमारा लक्ष्य प्रामाणिक अकादमिक सामग्री को सहजता से उपलब्ध कराना है।
साहित्य केवल शब्द नहीं, वह सभ्यता की आत्मा है
प्रत्येक शब्द ज्ञान की एक नई दिशा खोलता है, और हर पंक्ति अतीत से भविष्य को जोड़ती है।
ज्ञान के मुख्य स्तंभ
प्रकाशित पुस्तकें
अप्रकाशित पांडुलिपियाँ
व्याख्यान एवं साक्षात्कार
डॉ. ओझा द्वारा रचित चारों प्रमुख ग्रंथों के पीडीएफ संस्करण यहाँ उपलब्ध हैं।
उनके शोध पत्र, लेख और अप्रकाशित रचनाएँ शोधार्थियों के लिए एक मूल्यवान स्रोत।
डॉ. ओझा के ऐतिहासिक व्याख्यानों और साक्षात्कारों का ऑडियो-वीडियो संग्रह।
डॉ. त्रिभुवन ओझा के व्यापक डिजिटल आर्काइव में गोता लगाएँ और ज्ञान के नए आयाम खोजें।


